दमोह/मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित मध्य प्रदेश पर्यटन क्विज प्रतियोगिता के जिला स्तरीय मुकाबले में सांदीपनि विद्यालय जबेरा ने लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में जिलेभर से 158 टीमों ने भाग लिया, जिनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पर्यटन, इतिहास, संस्कृति एवं विरासत से जुड़े प्रश्नों का उत्साहपूर्वक सामना किया।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन तथा अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी एवं जिला शिक्षा अधिकारी सत्यम चौरसिया के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता का जिला स्तरीय आयोजन प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस पीजी कॉलेज, दमोह में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में जिले के सभी विकासखंडों से चयनित टीमों ने हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के प्रारंभिक एवं अंतिम चरण के बाद छह सर्वश्रेष्ठ टीमों का चयन किया गया। इन टीमों को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड की ओर से प्रदेश के किसी भी पर्यटन स्थल पर 500 किलोमीटर तक की तीन दिन-दो रात अथवा दो दिन-एक रात की शैक्षणिक पर्यटन यात्रा का अवसर प्रदान किया जाएगा।
ऑडियो-विजुअल राउंड के समापन के बाद घोषित परिणामों में सांदीपनि विद्यालय जबेरा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। महर्षि विद्या मंदिर, दमोह की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि उत्कृष्ट विद्यालय जबेरा ने तीसरा स्थान हासिल किया। संदीपनी विद्यालय दमोह चौथे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रनेह पांचवें तथा संदीपनी विद्यालय हटा छठे स्थान पर रहा।
समापन समारोह में लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक अनुराग जायसवाल, डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य डॉ. आलोक जैन, जिला परियोजना समन्वयक मुकेश द्विवेदी, सहायक जिला परियोजना समन्वयक शरद तिवारी, प्राचार्य रमेश व्यास, सहायक प्राध्यापक रमेश अहिरवार, डॉ. आलोक सोनवलकर तथा मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रतिनिधि आशीष मिश्रा सहित अन्य अतिथियों ने विजेता विद्यार्थियों को मेडल, प्रमाण-पत्र एवं उपहार कूपन प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. आलोक सोनवलकर के निर्देशन में अनहद कला केंद्र के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर आयोजन को और आकर्षक बनाया। प्रतियोगिता का संचालन क्विज मास्टर मोहन राय ने किया, जबकि स्कोरिंग की जिम्मेदारी दिलीप जोशी एवं अतुल तिवारी ने निभाई।
आयोजकों ने प्रतियोगिता की सफलता का श्रेय सभी सहभागी विद्यालयों के प्राचार्यों, मार्गदर्शक शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को दिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में मध्य प्रदेश की पर्यटन धरोहर, ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासत एवं प्राकृतिक संपदा के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा पर्यटन को बढ़ावा देना रहा।
