(आचार्य नारायण वैष्णव)
इंदौर, 19 मार्च 2026/डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग और डिजिटल लॉक से जुड़ी दर्दनाक दुर्घटना को बेहद गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने आधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पन्न नई चुनौतियों को उजागर किया है, जिनसे निपटने के लिए सरकार ठोस कदम उठाएगी।मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में बताया कि भोपाल से विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम इंदौर भेजी गई है, जो पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और आमजन में जागरूकता बढ़ाना है।उन्होंने कहा कि डिजिटल लॉक और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी आधुनिक सुविधाएं आज की जरूरत हैं, लेकिन इनके उपयोग में जरा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्कता बरतने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की आवश्यकता है।
🔥 कैसे हुआ हादसा?
बुधवार सुबह करीब 4 बजे बंगाली चौराहा के पास पुगलिया परिवार के घर में यह भीषण हादसा हुआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार, घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई।देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। घर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी थी, जिसके कारण एक के बाद एक विस्फोट हुए। तेज धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई और मकान का हिस्सा भी ढह गया।
🚪 डिजिटल लॉक बना जानलेवा कारण
हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था और कई लोग सो रहे थे। आग लगने के बाद बिजली सप्लाई बाधित हो गई, जिससे घर में लगे डिजिटल लॉक काम नहीं कर सके। इसी वजह से कई लोग बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए।
🚒 राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
⚰️ मृतक और घायल
इस हृदयविदारक हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिनमें मनोज जैन पुगलिया, सिमरन, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, राशि और छोटू सेठिया शामिल हैं।वहीं सौरभ, सुनीता और सोमिल गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
🏛️ प्रशासन की प्रतिक्रिया
शिवम वर्मा ने बताया कि आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर इमारत की दो मंजिलों को खाली कराया गया है और तीसरी मंजिल की जांच जारी है।
⚠️ सरकार का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलती तकनीक के साथ सुरक्षा मानकों का पालन और जागरूकता बेहद जरूरी है। राज्य सरकार इस दिशा में विशेष अभियान चलाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
