शाखा संगम में 18–25 आयुवर्ग के सैकड़ों स्वयंसेवकों की सहभागिता, एकता और सांस्कृतिक जागरण का संदेश
(आचार्य नारायण वैष्णव)
इंदौर, 22 मार्च 2026/राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह मा. कृष्ण गोपाल जी की उपस्थिति में इंदौर विभाग के महाविद्यालयीन विद्यार्थी कार्य का भव्य “शाखा संगम” कार्यक्रम नेहरू स्टेडियम में उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर संगठन, समरसता और राष्ट्र निर्माण का प्रेरक संदेश दिया।संघ के शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन युवाओं को शाखा से जोड़ना, संगठन का विस्तार करना तथा समाज में एकजुटता का भाव मजबूत करना रहा। विभिन्न शाखाओं से आए स्वयंसेवकों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चेतना का परिचय दिया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत का अस्तित्व आध्यात्मिक आधार पर निर्मित है और यही इसकी विशिष्टता है। भारत की संस्कृति विविधताओं में एकता का संदेश देती है तथा सभी के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि भारत कभी विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था रहा और यहां की शिक्षा व्यवस्था समाज आधारित एवं समावेशी थी।उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आत्मगौरव के क्षय के कारण भारत पराधीन हुआ, इसलिए समाज को संगठित कर आत्मविश्वास जगाना आवश्यक है। शाखा इस कार्य का सबसे प्रभावी माध्यम है, जहां समरसता का साक्षात दर्शन होता है और समाज की अनेक समस्याओं का समाधान संगठन के माध्यम से संभव होता है।

उन्होंने पंच परिवर्तन के आदर्श को दैनिक जीवन में
अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज विश्व में बढ़ती अशांति का कारण असहिष्णुता और स्वार्थपूर्ण उपभोगवाद है। भारतीय संस्कृति संतोष, सह-अस्तित्व और विश्वबंधुत्व का संदेश देती है, जो मानवता को दिशा प्रदान कर सकती है।कार्यक्रम में बताया गया कि विगत महीनों में विजयादशमी पथ संचलन, युवा संगम, युवा शिविर तथा बस्तियों में शाखाओं के माध्यम से व्यापक संपर्क अभियान चलाया गया। इन्हीं गतिविधियों के विस्तार और शाखाओं के स्थायित्व को मजबूत करने के उद्देश्य से शाखा संगम आयोजित कि
या गया।
शाखा संगम में इंदौर विभाग की 87 शाखाओं से 753 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की, जिनकी आयु 18 से 25 वर्ष के बीच रही। कार्यक्रम में विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ सहित अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को सशक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के संकल्प के साथ हुआ।
