हिंडोरिया निवासी सचिन अग्रवाल की ऑपरेशन के दौरान मृत्यु का मामला कलेक्ट्रेट पहुंचा; परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका जताई, डॉ. बुधवानी के समर्थन में सिंधी समाज ने एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील की

दमोह। विद्या हॉस्पिटल, स्टेशन रोड, दमोह में ऑपरेशन के दौरान हिंडोरिया निवासी सचिन अग्रवाल की हुई मृत्यु को लेकर मंगलवार 29 सितंबर को मामला कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया। मृतक के परिजनों के साथ अग्रवाल समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। परिजनों ने उपचार के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा जांच में जिम्मेदारी सामने आने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
इसी घटनाक्रम के बीच पूज्य सिंधी समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति, दमोह की ओर से भी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया। समाज ने मृतक के निधन पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना की वास्तविक वजह वैज्ञानिक तथ्यों, मेडिकल रिकॉर्ड और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर सामने आनी चाहिए तथा जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी मानकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस ने भी जांच प्रक्रिया शुरू होने की बात कही है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है, जबकि पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। ऐसे में अब जांच रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
21 सितंबर की घटना को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल
मृतक के परिजनों का कहना है कि 21 सितंबर की रात करीब 10 बजे ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया दिए जाने की प्रक्रिया के बाद मरीज की मृत्यु हुई। परिजनों ने इस घटनाक्रम को लेकर चिकित्सकीय प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।हालांकि, घटना के कारण और मृत्यु के लिए किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। यह विषय जांच और उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होना है।परिजनों ने प्रशासन से ऑपरेशन से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड, एनेस्थीसिया रिकॉर्ड, उपचार के दौरान दी गई दवाओं, चिकित्सकीय प्रक्रिया तथा घटना से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर परिजनों ने सौंपा ज्ञापन
मृतक के परिजन और अग्रवाल समाज के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान उनके हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां भी थीं। इनमें मामले में एफआईआर, अस्पताल के संबंध में कार्रवाई और जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जैसी मांगें शामिल थीं।परिजनों ने अधिकारियों से कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने कहा—निष्पक्ष जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों की बात सुनी तथा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। बताया गया कि कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मामले की जांच रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी बोले—मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज की भी हो रही जांच

पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने कहा कि जांच के बाद ही घटना की वास्तविक सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की जांच की जा रही है।पुलिस की जांच में घटना के समय की परिस्थितियों, अस्पताल परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज तथा संबंधित दस्तावेजों को भी देखा जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित की जाएगी।
सिंधी समाज ने सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष प्रक्रिया पर दिया जोर
दूसरी ओर पूज्य सिंधी समाज कल्याण एवं शिक्षण समिति, दमोह ने भी नायब तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। समाज ने मृतक सचिन अग्रवाल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि घटना दुखद है और इसके वास्तविक कारण का सामने आना आवश्यक है।समाज ने मांग की कि मामले की जांच बिना किसी जल्दबाजी के वैज्ञानिक तथ्यों और चिकित्सकीय दस्तावेजों के आधार पर की जाए। ज्ञापन में अंतिम मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण आधार मानते हुए जांच पूरी होने तक किसी प्रकार की एकतरफा कार्रवाई से बचने की अपील की गई।
डॉ. पीताम्बर बुधवानी के लंबे चिकित्सा सेवाकाल का किया उल्लेख
सिंधी समाज ने अपने ज्ञापन में संबंधित चिकित्सक डॉ. पीताम्बर बुधवानी का पक्ष रखते हुए बताया कि वे एमबीबीएस, एमएस चिकित्सक हैं और लगभग 30 वर्षों से दमोह क्षेत्र में चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। समाज ने उनके लंबे चिकित्सा सेवाकाल और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से होना आवश्यक है।
समाज का कहना है कि किसी भी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई का आधार ठोस चिकित्सकीय एवं वैज्ञानिक साक्ष्य होना चाहिए। साथ ही समाज ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की जिम्मेदारी निर्धारित होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस उपमहानिरीक्षक, भोपाल तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
अब जांच रिपोर्ट से खुलेगा घटना का वास्तविक कारण
इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्षों की मांगें सामने आई हैं। मृतक के परिजन और अग्रवाल समाज घटना की निष्पक्ष जांच तथा कथित चिकित्सकीय लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर सिंधी समाज ने चिकित्सक के लंबे सेवाकाल का उल्लेख करते हुए जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेने की अपील की है।
ऐसे में मामले का निष्पक्ष निष्कर्ष मेडिकल रिकॉर्ड, एनेस्थीसिया से संबंधित दस्तावेज, ऑपरेशन की प्रक्रिया, सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सकीय विशेषज्ञों की राय तथा मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट जैसे उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा।फिलहाल प्रशासन और पुलिस की ओर से जांच जारी होने की बात कही गई है। इसलिए इस स्तर पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना अथवा मृत्यु के कारण को अंतिम रूप से किसी एक वजह से जोड़ना उचित नहीं होगा। जांच में सामने आने वाले तथ्य ही आगे की कानूनी कार्रवाई का आधार बनेंगे।
