जबलपुर/भारतीय रेलवे आज तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार के दौर से गुजर रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹2.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन ने रेलवे के विकास को नई गति दी है। संसद में रेल मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेल में हुए व्यापक बदलावों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
🚆 बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मजबूत हुई व्यवस्था
रेल मंत्री ने बताया कि रेल बजट के आम बजट में विलय के बाद रेलवे को अभूतपूर्व वित्तीय मजबूती मिली है। जहां पहले बजट लगभग ₹25-30 हजार करोड़ के बीच रहता था, वहीं अब यह बढ़कर ₹2.78 लाख करोड़ हो गया है। इससे परियोजनाओं की स्वीकृति, नई सेवाओं की शुरुआत और आधुनिक तकनीक को अपनाने में तेजी आई है।
📊 खर्च और बचत का संतुलन
रेलवे के प्रमुख खर्चों में कार्मिक, पेंशन, ऊर्जा और वित्त लागत शामिल हैं, लेकिन इसके बावजूद रेलवे सकारात्मक संतुलन बनाए हुए है। विद्युतीकरण के कारण लगभग ₹6,000 करोड़ की बचत हुई है और डीजल की खपत में लगातार कमी आई है।
🛤️ इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक विस्तार
पिछले दशक में रेलवे नेटवर्क और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है—
- माल ढुलाई 1,055 मिलियन टन से बढ़कर 1,650 मिलियन टन
- 35,000 किमी नई पटरियां बिछाई गईं
- 47,000 किमी तक विद्युतीकरण
- 99% से अधिक नेटवर्क इलेक्ट्रिफाइड
साथ ही, आरओबी-आरयूबी, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग और एलएचबी कोचों की संख्या में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
⚙️ सुरक्षा में बड़ा सुधार, ‘कवच’ बना सुरक्षा कवच
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे दुर्घटनाओं में करीब 90% तक कमी आई है। इसके पीछे आधुनिक तकनीक, बेहतर ट्रैक मेंटेनेंस और ‘कवच’ जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली का बड़ा योगदान है।
करीब 3,000 किमी नेटवर्क पर ‘कवच’ लागू हो चुका है और 20,000 किमी पर काम जारी है।
👥 यात्रियों को सस्ती और बेहतर सुविधा
रेलवे आम लोगों के लिए सस्ती यात्रा सुनिश्चित कर रही है—
- 70% कोच जनरल और स्लीपर
- हर साल ₹60,000 करोड़ की सब्सिडी
- प्रति यात्री लगभग 45% छूट
इसके अलावा जनरल कोचों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम यात्रियों को राहत मिली है।
🚄 नई ट्रेनें और सेवाएं
वर्तमान में देशभर में 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जबकि 60 अमृत भारत ट्रेनें लंबी दूरी की किफायती यात्रा का विकल्प दे रही हैं।
इसके साथ ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसे यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
📱 डिजिटल और स्मार्ट रेलवे
रेलवे में डिजिटल क्रांति भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। ‘RailOne’ ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग, पीएनआर स्टेटस और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।
अब तक इस ऐप को 2.5 करोड़ से अधिक लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
🏗️ स्टेशन पुनर्विकास और रोजगार
देशभर में 1,300 स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य चल रहा है, जिनमें से 180 स्टेशन तैयार हो चुके हैं। मध्य प्रदेश के भी 80 स्टेशन इस योजना में शामिल हैं।
रेलवे ने पिछले 10 वर्षों में लगभग 5 लाख नौकरियां दी हैं, जबकि 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं।
🌍 सांस्कृतिक और सामरिक कनेक्टिविटी
रेलवे देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी दे रही है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में भी रेल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, जिससे सामरिक और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
🤝 कर्मचारियों का अहम योगदान
रेल मंत्री ने 12.5 लाख रेल कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही रेलवे का यह कायाकल्प संभव हो पाया है।
