उमरिया/ विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में बाघ के हमले से एक महिला की मौत हो गई। घटना पनपथा कोर क्षेत्र में उस समय हुई जब महिला जंगल में महुआ बीनने गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
जानकारी के अनुसार पनपथा कोर क्षेत्र के कक्ष क्रमांक आरएफ 460 स्थित बी-2 कैंप के पास झिरिया जंगल में ग्राम झलवार निवासी कुसुम बाई गोंड (पत्नी स्व. रामचंद्र गोंड) शनिवार दोपहर महुआ बीनने जंगल गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बाघ महिला को घसीटते हुए कुछ दूरी तक झाड़ियों में ले गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
दोपहर के समय आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घटनास्थल के पास संदिग्ध हालात देखे तो खोजबीन की। इसके बाद महिला का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन अमला और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इंदवार थाना प्रभारी विजय सिंह पटले ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम वन विभाग के साथ मौके पर पहुंची थी। प्राथमिक जांच में बाघ के हमले से महिला की मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जा रहा है।
वहीं पनपथा क्षेत्र के एसडीओ भूरा गायकवाड़ ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 5 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। साथ ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाया गया है। शासन के प्रावधान के अनुसार मृतक के परिजनों को 8 लाख रुपये की सहायता राशि नियमानुसार प्रदान की जाएगी।
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में हाल के दिनों में बाघों और ग्रामीणों के बीच टकराव की घटनाएं बढ़ी हैं। कभी बाघों की मौत तो कभी बाघ के हमले में ग्रामीणों की जान जाने की घटनाओं से क्षेत्र में चिंता बढ़ रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने और सतर्कता बरतने की अपील
