कोतवाली चौराहे पर एसपी आनंद कलादगी ने संभाली कमान, हेलमेट वितरण के साथ नियमों का पाठ पढ़ाया, नागरिकों ने उठाए कई अहम सवाल

(डॉ. एल.एन. वैष्णव)
दमोह। जिला मुख्यालय दमोह में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लगभग एक माह पूर्व पदभार ग्रहण करने वाले पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने शहर की कानून व्यवस्था के साथ-साथ यातायात सुधार को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इसी क्रम में बुधवार 3 जून की शाम को शहर के व्यस्ततम कोतवाली चौराहे पर विशेष यातायात जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें स्वयं पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी सड़क पर उतरकर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की सीख देते नजर आए।
अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले दोपहिया चालकों, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों तथा अन्य लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। वहीं दूसरी ओर कई वाहन चालकों को हेलमेट वितरित कर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे हेलमेट को केवल चालान से बचने का साधन न समझें, बल्कि अपनी सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण कवच मानें।
अभियान की सराहना, लेकिन उठे कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न
यातायात जागरूकता अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक भी मौके पर मौजूद रहे। कई लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। हालांकि कुछ लोगों ने यह भी कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई में समानता दिखाई देना भी आवश्यक है।
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय यह रहा कि जब आम नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तब यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वर्ग या विभाग के लोगों पर समान रूप से कार्रवाई हो। नागरिकों का मानना है कि यातायात नियमों के प्रति सम्मान तभी बढ़ेगा जब कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होता दिखाई देगा।
बारिश ने रोकी अभियान की रफ्तार

अभियान अपने पूरे जोर पर था कि अचानक मौसम ने करवट ले ली और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण कुछ समय बाद चेकिंग अभियान की गति धीमी पड़ गई। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। हालांकि इसके पहले बड़ी संख्या में वाहन चालकों को जागरूक किया जा चुका था और कई लोगों को हेलमेट भी वितरित किए गए।
क्या केवल चालान से सुधर जाएगी यातायात व्यवस्था?
यातायात नियमों का पालन निस्संदेह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और सड़क सुरक्षा के लिए यह अत्यंत आवश्यक भी है। लेकिन शहर के जागरूक नागरिकों का कहना है कि केवल चालान काटने या हेलमेट चेकिंग से ही यातायात व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकती। इसके लिए शहर की आधारभूत यातायात व्यवस्थाओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।
दमोह शहर के कई प्रमुख चौराहे और तिराहे ऐसे हैं जहां यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर सड़कें संकरी हैं, कहीं अतिक्रमण की समस्या है तो कहीं पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई फुटपाथ अतिक्रमण की चपेट में हैं, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
शहर की यातायात व्यवस्था से जुड़े कई सवाल
यातायात विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि निम्नलिखित बिंदुओं पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है—
- क्या शहर के सभी प्रमुख चौराहे और तिराहे यातायात मानकों के अनुरूप विकसित किए गए हैं?
- क्या फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त हैं और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित हैं?
- क्या शहर में पर्याप्त पार्किंग स्थलों की व्यवस्था है?
- क्या बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण पर नियमित कार्रवाई हो रही है?
- क्या स्कूल, अस्पताल और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष यातायात प्रबंधन योजना लागू है?
- क्या नागरिकों को नियमित रूप से यातायात शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है?
साझी जिम्मेदारी से ही बनेगा सुरक्षित शहर
यातायात व्यवस्था केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें नागरिकों, व्यापारियों, वाहन चालकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन सभी की समान भूमिका होती है। सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, नियमों का पालन, अतिक्रमण नियंत्रण और बेहतर आधारभूत सुविधाएं—इन सभी के संयुक्त प्रयासों से ही शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
दमोह पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान निश्चित रूप से एक सकारात्मक पहल है। लेकिन शहरवासियों की अपेक्षा है कि यातायात सुधार की यह मुहिम केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित न रहकर व्यापक और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में आगे बढ़े, ताकि आने वाले समय में दमोह एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और अनुशासित यातायात व्यवस्था वाला शहर बन सके।
