दमोह/ कोतवाली थाना क्षेत्र में चाकू से हत्या के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो दिनों के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से एक ओर जहां पुलिस की सक्रियता की सराहना हो रही है, वहीं अपराधियों को भी सख्त संदेश मिला है कि कानून से बच पाना अब आसान नहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे कैलाश राजपूत पर उसके घर के सामने ही जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि रुपयों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। आरोपी मंजीत राय ने पहले कैलाश को पकड़ लिया, जिसके बाद शनि राय ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में कैलाश की पसली में गंभीर चोट आई और वह लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ा।
घटना के बाद परिजनों द्वारा तत्काल घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी के निर्देशन में कोतवाली पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 12 अप्रैल को दोनों आरोपियों—मंजीत राय (33) और शनि राय (26) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। आम नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस इसी तरह सक्रिय और सजग रहे, तो अपराधियों के हौसले खुद-ब-खुद पस्त हो जाएंगे।
अपराधियों के लिए सख्त संदेश
इस घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि आपसी विवादों को हिंसा का रूप देने वालों के लिए कानून बेहद सख्त है। छोटी-छोटी बातों पर चाकू उठाने जैसी प्रवृत्ति न केवल समाज के लिए खतरा है, बल्कि अपराधियों के भविष्य को भी अंधकारमय बना देती है। पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि दमोह में अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में कानून का सहारा लें और हिंसा से दूर रहें। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
