इंदौर/ वर्ष 2015 में लापरवाहीपूर्वक डंपर चलाकर एक्टिवा सवार दो लोगों को घायल करने के मामले में इंदौर की अदालत ने आरोपी चालक को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सूर्यपाल सिंह राठौर की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत 6 माह के सश्रम कारावास एवं 1,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को थाना सराफा के प्रकरण क्रमांक 7409377/2015 में निर्णय पारित किया गया। न्यायालय ने आरोपी निरंजन प्रजापत (59 वर्ष), निवासी इंदौर को धारा 338 भारतीय दंड संहिता के तहत 6 माह का सश्रम कारावास, तथा धारा 337 भारतीय दंड संहिता के तहत 3 माह का सश्रम कारावास एवं कुल 1,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
कैसे हुआ था हादसा?
अभियोजन के अनुसार 12 अप्रैल 2015 की सुबह लगभग 10:15 बजे फरियादी पंकज जैन अपने साथी नितेश के साथ एक्टिवा (एमपी-09-एससी-0711) से रीगल चौराहे से सेमिनार में भाग लेने जा रहे थे। तभी मालगंज चौराहे की ओर से तेज गति और लापरवाही से आ रहे लाल रंग के डंपर (एमपी-49-एच-0169) ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में पंकज जैन और नितेश के पैरों में गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तत्काल सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। अस्पताल में ही पुलिस ने उनके बयान दर्ज किए।
जांच में जुटाए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य
घटना के बाद थाना सराफा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 72/2015 के तहत धारा 279 और 337 भारतीय दंड संहिता में मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया गया, घायलों की मेडिकल एवं एक्स-रे रिपोर्ट प्राप्त की गई। एक्स-रे रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि होने पर प्रकरण में धारा 338 भी जोड़ी गई।
पुलिस ने वाहन का मैकेनिकल परीक्षण कराया, गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आरोपी को गिरफ्तार कर संपूर्ण विवेचना के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी
मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय प्रताप सिंह बुदेला एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पंकज सिंह बघेल ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
