इंदौर। इंदौर की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) अदालत ने वर्ष 2017 के एक सड़क दुर्घटना मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए लापरवाही से वाहन चलाकर एक व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनने वाले आरोपी को दो वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला सड़क सुरक्षा और लापरवाह वाहन चालकों के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
माननीय न्यायालय प्रिन्सी अग्रवाल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, इंदौर ने थाना अन्नपूर्णा के प्रकरण क्रमांक 1667/2017 में सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी हरीश मौरे (55 वर्ष), निवासी इंदौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि शासन की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी वर्षा पाठक ने की।
यह था पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार, 14 जनवरी 2017 की शाम करीब 7:35 बजे फरियादिया अपने ससुर रामकिशन चौहान को इलाज के लिए पैदल क्लीनिक लेकर जा रही थी। जब वे अन्नपूर्णा रोड स्थित चौधरी साइकिल के सामने पहुंचे, तभी महू नाका की ओर से तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाकर लाई गई एक्टिवा (क्रमांक एमपी-09-एसवी-9398) ने रामकिशन चौहान को जोरदार टक्कर मार दी।
दुर्घटना में उन्हें आंख, सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तत्काल यूनिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया गया। घटना के प्रत्यक्षदर्शी सलीम और देवकी भामोरिया भी थे।
इलाज के बाद हुई मौत
प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 279 और 337 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान चिकित्सकीय रिपोर्ट में अस्थिभंग की पुष्टि होने पर धारा 338 जोड़ी गई।
इलाज के बाद रामकिशन चौहान घर लौट आए, लेकिन दुर्घटना में आई गंभीर चोटों के कारण कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में धारा 304-ए भी जोड़ते हुए आरोपी के खिलाफ प्रकरण को आगे बढ़ाया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए, आरोपी से दुर्घटनाग्रस्त वाहन और संबंधित दस्तावेज जब्त किए तथा विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोपी का दोष सिद्ध किया। न्यायालय ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सड़क सुरक्षा के लिए अहम संदेश
इस फैसले को सड़क दुर्घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है। न्यायालय का यह निर्णय स्पष्ट करता है कि तेज गति और असावधानी से वाहन चलाकर किसी की जान लेने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।
