दरअसल अमिताभ बच्चन इन दिनों लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति को होस्ट कर रहे हैं। शो के एक एपिसोड के दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से जुड़ा एक पुराना अनुभव साझा किया। अमिताभ ने बताया कि एक बार वह मिरांडा हाउस पहुंचे थे। जैसे ही वह कॉलेज परिसर में दाखिल हुए वहां हॉस्टल की बालकनी में बैठी लड़कियों ने उन्हें देखकर मजाकिया अंदाज में आवाजें लगानी शुरू कर दीं। लड़कियों ने उन्हें देखकर कहा कि आए हाए क्या चाल है। अमिताभ के मुताबिक उस समय उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर इस परिस्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए।
अमिताभ बच्चन ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि उस दिन उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि जब किसी महिला के साथ इस तरह छेड़छाड़ होती है तो उसके मन में क्या गुजरती होगी। उन्होंने कहा कि जब तक कोई व्यक्ति खुद ऐसी परिस्थिति का सामना नहीं करता तब तक वह दूसरे के अनुभव और भावनाओं को पूरी तरह नहीं समझ सकता। अमिताभ ने इस घटना को गंभीर बात बताते हुए कहा कि मिरांडा हाउस में उनके साथ जो हुआ उससे उन्हें महिलाओं के अनुभव को समझने का एक अलग नजरिया मिला।
इस किस्से को सुनकर शो में मौजूद अभिनेत्री माधुरी दीक्षित भी उत्सुक हो गईं। उन्होंने अमिताभ से पूछा कि आखिर उस समय उन्होंने क्या किया था। इस पर महानायक ने अपने चिरपरिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया कि वहां से भाग गए और क्या। अमिताभ का यह जवाब सुनकर शो का माहौल हल्का और खुशनुमा हो गया। इस किस्से के जरिए उन्होंने जहां अपने पुराने दिनों की यादें ताजा कीं वहीं एक महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया कि किसी के साथ होने वाली छेड़छाड़ को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
इससे पहले कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर अभिनेता रणबीर कपूर भी अपनी फिल्म रामायण के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान रणबीर ने अमिताभ बच्चन से उनके बेटे अभिषेक बच्चन को लेकर दिलचस्प सवाल किया था। रणबीर ने पूछा था कि जब अभिषेक कोई अच्छा या बुरा काम करते थे तो क्या अमिताभ उन्हें सीधे अपनी बात बताते थे या फिर जया बच्चन के माध्यम से अपनी राय उन तक पहुंचाते थे। रणबीर ने यह भी बताया कि उनके पिता ऋषि कपूर भी कई बार अपनी बात उनकी मां के जरिए पहुंचाते थे।
रणबीर के सवाल पर अमिताभ ने कहा कि बाहर पहले से ही लाखों लोग आलोचना करने के लिए बैठे हैं इसलिए घर में एक और आलोचक होना ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी अभिषेक की आलोचना नहीं की बल्कि हमेशा उन्हें आशीर्वाद दिया। अमिताभ के मुताबिक उन्होंने अभिषेक से हमेशा यही कहा कि अगर कोई फिल्म नहीं चली तो परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आगे और भी फिल्में आएंगी और काम करने के अवसर मिलते रहेंगे। अमिताभ के इन जवाबों से साफ है कि वह अपने बेटे के लिए एक आलोचक नहीं बल्कि हमेशा हौसला बढ़ाने वाले पिता बने रहना चाहते हैं। यही वजह है कि केबीसी में उनके पुराने किस्से और परिवार से जुड़ी बातें दर्शकों के बीच खूब चर्चा बटोरती हैं।
