इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण सरयू तट पर होने वाली महाआरती है। इसके लिए 2,147 अर्चकों के एक साथ शामिल होने की तैयारी है। बड़ी संख्या में अर्चकों की मौजूदगी में होने वाली यह महाआरती दीपोत्सव के धार्मिक महत्व को विशेष रूप से सामने लाएगी। सरयू घाट पर दीप प्रज्ज्वलन और आरती के दौरान श्रद्धालुओं को भव्य धार्मिक दृश्य देखने को मिलेगा।
दीपोत्सव के अवसर पर शहर में निकलने वाली झांकियां भी आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दीपोत्सव में शामिल होने वाली भव्य झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन झांकियों के माध्यम से रामायण से जुड़े प्रसंगों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा। झांकियों के जरिए अयोध्या की धार्मिक पहचान और भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने की तैयारी है।
इस बार दीपोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को भी शामिल किया गया है। अयोध्या के मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार के अनुसार, कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के दौरान राम की पैड़ी पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा लेजर और ड्रोन शो भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
लेजर शो के माध्यम से अयोध्या और भगवान राम से जुड़े प्रसंगों को विशेष दृश्य प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं ड्रोन शो के जरिए आसमान में अलग-अलग आकृतियां और दृश्य तैयार किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दीपोत्सव को धार्मिक परंपरा के साथ आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। शाम के समय होने वाले इन आयोजनों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
दीपोत्सव में अंतरराष्ट्रीय रामलीला का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके लिए लाओस और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों से कलाकार अयोध्या पहुंचे हैं। ये कलाकार रामायण के प्रसंगों पर आधारित रामलीला का मंचन करेंगे। अलग-अलग देशों के कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से रामकथा की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आयोजन में भारतीय परंपरा के साथ वैश्विक सांस्कृतिक भागीदारी भी दिखाई देगी।
राम मंदिर और सरयू घाट के आसपास विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है। प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों को आकर्षक सजावट से तैयार किया गया है। दीपोत्सव के दौरान अयोध्या के अलग-अलग हिस्सों में दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम होंगे। करीब 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य इस आयोजन को विशेष भव्यता देने वाला है। बड़ी संख्या में दीपों की रोशनी से धार्मिक नगरी का वातावरण उत्सवमय बनाने की तैयारी है।
दीपोत्सव का दसवां संस्करण धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आयोजन व्यवस्था का संगम बनकर सामने आ रहा है। महाआरती, भव्य झांकियां, अंतरराष्ट्रीय रामलीला, लेजर और ड्रोन शो इस बार के प्रमुख आकर्षण हैं। अब सभी की नजर दीप प्रज्ज्वलन और सरयू तट पर होने वाले मुख्य कार्यक्रमों पर टिकी है।
