प्रवीण खंडेलवाल के मुताबिक, कांग्रेस ने देश में लंबे समय तक शासन किया, लेकिन उसके लगभग छह दशक के कार्यकाल में भारत की स्थिति ऐसी नहीं थी, जैसी आज दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में देश भय और असुरक्षा के माहौल में नजर आता था। इसके विपरीत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान हुई प्रगति का उल्लेख किया। खंडेलवाल ने कहा कि भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है और अब देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर और ग्रेप-III लागू किए जाने को लेकर भी भाजपा सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की समस्या कोई नई नहीं है। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी के शासनकाल में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पिछली सरकार ने समय रहते प्रभावी प्रयास किए होते तो आज हालात बेहतर हो सकते थे।
खंडेलवाल ने दावा किया कि वर्तमान सरकार प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के कारणों का अध्ययन किया जा रहा है और उन्हें दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, इस समस्या का समाधान करने के लिए उन सभी कारकों पर ध्यान देना जरूरी है, जो दिल्ली की हवा को खराब करते हैं।
इस दौरान भाजपा सांसद ने त्योहारों के अवसर पर देशभर में हुई खरीदारी और व्यापार में आई तेजी के लिए नागरिकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले एक महीने से अधिक समय तक व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित रही थीं। इसके अलावा एक नवंबर को राहुल गांधी की रैली और उससे पहले हुए आंदोलनों, धरने तथा प्रदर्शनों के कारण राजधानी के कारोबार पर असर पड़ा था। हालांकि, दो नवंबर से बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिली।
खंडेलवाल ने दावा किया कि दिल्ली के बाजारों में जिस तरह से खरीदार पहुंच रहे हैं, उससे राजधानी का कारोबार एक लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के करीब पहुंच गया है और इसे लगभग पार कर चुका है। उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों की ओर से शहर के नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि लोगों ने त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी करके व्यापारियों को मजबूती दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियों के कारण दिल्ली का माहौल प्रभावित करने वालों को जनता ने अपने तरीके से जवाब दिया है।
देशभर में दीपावली के दौरान कारोबार को लेकर खंडेलवाल ने करीब सात लाख करोड़ रुपये के व्यापार का लक्ष्य बताया। उनके अनुसार, उस समय तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक लगभग छह लाख करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका था। उन्होंने उम्मीद जताई कि दीपावली के बाद भैया दूज, छठ पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान होने वाली खरीदारी से सात लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार हो सकता है।
भाजपा सांसद ने कहा कि इस बार खरीदारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकल फॉर वोकल मुहिम का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे घरेलू उत्पादों और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने वाला सकारात्मक संकेत बताया। खंडेलवाल के मुताबिक, त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़ और खरीदारी से यह स्पष्ट होता है कि दीपावली केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इसे देश का आर्थिक महोत्सव बताते हुए व्यापारियों और ग्राहकों की भागीदारी को अहम बताया।
