नई दिल्ली ।पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर हुई हिंसक झड़प और काली पूजा के आयोजन में कथित बाधा को लेकर ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अभिषेक बनर्जी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए ममता ने विरोधियों को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी में हिम्मत है तो वह उनके सामने आए और उनके सीने पर बुलडोजर चलाकर दिखाए।
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा कि विरोधियों के पास कितने बुलडोजर हैं, वे सामने आकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि वह खुद सामने खड़ी हैं और यदि किसी में साहस है तो उनकी देह और सीने पर बुलडोजर चलाकर दिखाए। उनके इस बयान को भाजपा के खिलाफ सीधे राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है। अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुए घटनाक्रम के बाद ममता ने भाजपा के साथ-साथ स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
दरअसल, शुक्रवार देर रात तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी। यह घटना कोलकाता के कालीघाट इलाके में अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुई। घटना को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ गया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके इलाके में जानबूझकर अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कालीघाट ऐसा क्षेत्र है, जहां से देवी काली के कई जुलूस निकलते हैं और धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है।
ममता बनर्जी ने कहा कि काली पूजा और दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के ठीक पहले इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात करीब दो बजे अभिषेक बनर्जी के घर पर हमला किया गया। उनके मुताबिक, काली पूजा के आयोजन के दौरान इस तरह की गड़बड़ी पैदा करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विरोधियों में वास्तव में कार्रवाई करने की हिम्मत है तो वे रात के दो या तीन बजे लोगों के समूह के साथ पहुंचकर धार्मिक आयोजन में बाधा डालने की कोशिश क्यों कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पद पर रह चुकीं ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम को गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि इलाके में रात के समय लोगों के समूह पहुंच रहे हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा और कालीघाट पुलिस को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की स्थिति पैदा होना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
इस बीच, घटना के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस सांसद के समर्थकों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। टकराव बढ़ने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद इलाके में स्थिति संभालने की कोशिश की गई।
घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। ममता बनर्जी ने जहां इस पूरे घटनाक्रम के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर हुई झड़प ने दोनों दलों के बीच पहले से जारी राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल इस मामले में दोनों पक्षों के बीच टकराव और पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
