व्हाइट हाउस में आयोजित विशेष कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ट्रंप ने कहा कि कई दशकों की धीमी प्रगति के बाद अमेरिका अब फिर से परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल अपने उद्योग का पुनर्निर्माण नहीं कर रहा बल्कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था की दिशा भी तय कर रहा है। उनके अनुसार देश में इनोवेशन और तकनीकी विकास की नई लहर शुरू हो चुकी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि पिछले वर्ष जारी किए गए चार कार्यकारी आदेशों का उद्देश्य नागरिक परमाणु क्षेत्र को नई गति देना था और सरकार ने तय लक्ष्य से भी आगे बढ़कर उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को एडवांस्ड रिएक्टरों के लिए विशेष पायलट कार्यक्रम शुरू करने और आधुनिक तकनीक वाले रिएक्टरों को सुरक्षित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया था। ट्रंप ने कहा कि इतनी कम अवधि में जो परिणाम मिले हैं उन्हें किसी चमत्कार से कम नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में चार दशक से अधिक समय बाद पहली बार निजी निवेश से विकसित एडवांस्ड न्यूक्लियर रिएक्टर इस स्तर तक पहुंचे हैं। ट्रंप ने पुरानी नियामक प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि पहले किसी रिएक्टर डिजाइन को मंजूरी मिलने में कई वर्ष लग जाते थे जिससे परियोजनाएं वर्षों तक अटकी रहती थीं। उनका कहना था कि नई नीति के कारण यह प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और प्रभावी हुई है।
ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के निदेशक माइकल क्रैट्सियोस ने कहा कि अमेरिका ने केवल पुराना रिकॉर्ड नहीं तोड़ा बल्कि एक साथ चार परियोजनाओं को आगे बढ़ाकर नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने बताया कि निजी निवेश से विकसित किसी नए रिएक्टर डिजाइन ने अंतिम बार 1974 में नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया हासिल की थी और अब 50 वर्ष से अधिक समय बाद अमेरिका ने इस उपलब्धि को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है। उनके अनुसार यह संकेत है कि अमेरिका एक बार फिर पारंपरिक और अत्याधुनिक दोनों तरह की परमाणु तकनीक में वैश्विक नेतृत्व की ओर लौट रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद न्यूक्लियर कंपनियों के अधिकारियों ने भी ट्रंप प्रशासन की नीतियों की सराहना की। एंटारेस न्यूक्लियर के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी के रिएक्टर भविष्य में अमेरिकी सैन्य ठिकानों अंतरिक्ष अभियानों और उन्नत रक्षा प्रणालियों को विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे। कंपनी ने 2028 से पहले सैन्य ठिकानों पर अपने रिएक्टर तैनात करने की योजना भी साझा की।
एक अन्य कंपनी के अधिकारी ने कहा कि अमेरिका अब केवल योजनाओं और प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है बल्कि वास्तविक निर्माण और उत्पादन पर तेजी से काम कर रहा है। एक तीसरे अधिकारी ने इसे परमाणु ऊर्जा के इतिहास का निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यही समय नई ऊर्जा क्रांति की शुरुआत के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी का रिएक्टर 4 जुलाई की रात पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया तक पहुंचा और अब कंपनी डेटा सेंटरों के लिए अत्याधुनिक न्यूक्लियर ऊर्जा समाधान विकसित करने पर काम कर रही है। इसके लिए इस वर्ष एक बिलियन डॉलर का निवेश जुटाने और विशाल विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई गई है।
ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि सरकार की नई ऊर्जा रणनीति के कारण अमेरिका आज सुरक्षित और प्रतिस्पर्धी ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं आंतरिक मामलों के सचिव डग बर्गम ने कहा कि सरकारी सब्सिडी के बजाय निजी निवेश और नवाचार पर आधारित मॉडल ही भविष्य की ऊर्जा अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। उनका कहना था कि नियमों को सरल बनाकर और उद्यमियों को अवसर देकर अमेरिका एक बार फिर दुनिया की अग्रणी ऊर्जा शक्ति बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
