उज्जैन-गरोठ परियोजना के निर्माणाधीन पैकेज-1 के निरीक्षण के दौरान शर्मा ने अलग-अलग निर्माण गतिविधियों की स्थिति देखी। उन्होंने निर्माणाधीन RE Wall समेत विभिन्न संरचनात्मक कार्यों का जायजा लिया और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस स्तर पर किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
शर्मा ने अधिकारियों और संबंधित एजेंसी को निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कार्यस्थल पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने, जरूरी सुरक्षा प्रबंधों को बनाए रखने और निर्माण गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उनके निरीक्षण में परियोजना की प्रगति के साथ काम की गुणवत्ता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को प्रमुखता दी गई।
उज्जैन-गरोठ परियोजना के दो पूर्ण हो चुके पैकेजों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान हाईवे की मौजूदा स्थिति, यातायात व्यवस्था और सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की गई। शर्मा ने हाईवे पर मौजूद अतिक्रमण को लेकर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे को पूरी तरह अतिक्रमण-मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यह एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे है, इसलिए यातायात प्रबंधन और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुविधा से जुड़े निर्धारित मानकों का प्रभावी तरीके से पालन होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान हाईवे पर लगाए गए CCTV कैमरों से होने वाली निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। शर्मा ने कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों पर कैमरों के माध्यम से की जा रही निगरानी की जानकारी ली और अधिकारियों को लगातार प्रभावी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
शर्मा ने हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों और NHAI एम्बुलेंस की उपलब्धता तथा उनके संचालन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क उपयोगकर्ताओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं हमेशा तैयार और प्रभावी रहनी चाहिए। उन्होंने नियमित निगरानी के साथ त्वरित रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इसके बाद उन्होंने इंदौर से खंडवा के बीच निर्माणाधीन 33.4 किलोमीटर लंबे तेजाजी नगर-बलवाड़ा प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्सों और निर्माणाधीन टनल का जायजा लिया गया। उन्होंने टनल निर्माण की प्रगति तथा साइट पर चल रहे विभिन्न कार्यों की स्थिति की समीक्षा की।
शर्मा ने निर्माण कार्यों में गति बनाए रखने के साथ बेहतर समन्वय और निरंतर मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए परियोजना के काम को व्यवस्थित एवं प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ उन्होंने प्रगति और कार्ययोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की।
निरीक्षण के दौरान उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय और परियोजना की नियमित समीक्षा के जरिए निर्माण गतिविधियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।
