इन दिनों लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत में प्रधान के किरदार से चर्चा में रहे रघुवीर यादव ने वीडियो संदेश में कहा कि जो दृश्य उन्होंने देखे उन पर उन्हें विश्वास नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों के साथ जिस तरह का कथित व्यवहार हुआ उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया है। अभिनेता ने कहा कि यह केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि संवेदनशीलता और मानवता से जुड़ा विषय है।
रघुवीर यादव ने अपने संदेश में सवाल उठाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आखिर दोष क्या था। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ इस तरह की घटना होती है तो उसका दर्द केवल उसी परिवार तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर हर संवेदनशील व्यक्ति को आत्ममंथन करने की जरूरत है।
वीडियो के दौरान अभिनेता भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्रों के साहस को वह सलाम करते हैं और उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने जिस हिम्मत के साथ अपनी बात रखने का प्रयास किया है उससे उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज सुनी जाएगी। साथ ही उन्होंने जिम्मेदार पक्षों से भी संवेदनशीलता के साथ स्थिति को देखने की अपील की।
रघुवीर यादव ने अपने संबोधन में पुलिसकर्मियों का जिक्र करते हुए भी भावनात्मक टिप्पणी की और कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों और युवाओं के साथ मानवीय व्यवहार होना चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज पर गहरा असर छोड़ती हैं और भविष्य में भी लंबे समय तक याद रखी जाती हैं।
इस बीच वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक वीडियो संदेश में शिक्षा और छात्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में युवाओं की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के साथ काम करते हुए उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा है और समाज के भविष्य के लिए उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग अलग पक्षों के अपने अपने दावे हैं। प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच तथा प्रशासनिक पक्ष भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में मामले से जुड़े सभी तथ्यों और जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल रघुवीर यादव और नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस जारी है।
