जानकारी के अनुसार, कनाखेड़ी गांव निवासी 34 वर्षीय इंदर सिंह चिडार शनिवार शाम करीब सात बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव का गोलू चिडार वहां पहुंचा। इंदर सिंह ने उससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अपनी कुटीर की छत से सरिया तोड़ने को लेकर सवाल किया। आरोप है कि यह बात सुनते ही गोलू चिडार गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा।
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी को गालियां देने से रोका तो उसने पास में पड़ा डंडा उठाकर सीधे उनके सिर पर हमला कर दिया। डंडे का वार इतना तेज था कि इंदर सिंह के सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने लाठियों से भी उनकी पिटाई की, जिससे उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।
मारपीट की आवाज सुनकर इंदर सिंह की पत्नी अमृता चिडार अपने पति को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि तभी गोलू चिडार के भाई आशु ने भी हमला कर दिया। उसने अमृता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान महिला को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।
घायल दंपति को परिजन तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार इंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी गोलू चिडार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत बने मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिंसा में बदलने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
