समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम खिलाड़ियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार में किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्त किया गया है और इससे युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक एशियन गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर देश और राज्य का गौरव बढ़ाएंगे।
मुख्यमंत्री ने खेलों के विकास को लेकर सरकार की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 15 सितंबर से पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान अभियान शुरू किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना और राज्य में खेल अधोसंरचना के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी घोषणा की कि पटना के मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है और इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सौंपी गई है। साथ ही पूरे बिहार में पिछले दो वर्षों के दौरान पांच हजार खेल मैदानों का निर्माण पूरा किया जा चुका है ताकि गांव स्तर तक खेल सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के बाद तेज गेंदबाज आकाशदीप ने इसे अपने जीवन का गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वह रोहतास जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं और शुरुआती दिनों में सीमित संसाधनों के बीच क्रिकेट खेलते थे। उस समय खेल को करियर के रूप में ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब सरकार की ऐसी योजनाओं से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने सासाराम में आधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित करने की इच्छा भी जताई ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने भी बिहार सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक है। उनके अनुसार बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बल्कि जरूरत केवल उचित अवसर और बेहतर प्रशिक्षण की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की नई नीति आने वाले वर्षों में राज्य से बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बिहार सरकार की यह पहल केवल सरकारी नियुक्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह संदेश भी देती है कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान और सुरक्षित भविष्य दोनों मिल सकते हैं। इससे राज्य के हजारों युवा खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे और बिहार खेलों के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाएगा।
