दमोह/23 मार्च को मनाई जाने वाली निषादराज जयंती को लेकर दमोह नगर में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में जहान्वी कुंज, आमचौपरा में जिला स्तर पर रैकवार, केवट, बर्मन, धुरिया, कहार, कश्यप, निषाद, बाथम एवं माझी समाज की प्रत्येक वार्ड की कामकाजी टोलियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं एवं विभिन्न वार्डों के प्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति रही।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष निषादराज जयंती को पूरे उत्साह, भव्यता और अनुशासन के साथ मनाया जाएगा तथा नगर में एक विशाल और आकर्षक शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया, जिनमें व्यवस्था, स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारियां तय की गईं।
शोभायात्रा में दिखेगी समाज की संस्कृति और एकता
आयोजकों ने बताया कि शोभायात्रा में भगवान निषादराज की आकर्षक झांकी, बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़े, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। साथ ही विभिन्न वार्डों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होकर अपनी एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान का प्रदर्शन करेंगे।
मार्ग, समय और व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में शोभायात्रा के संभावित मार्ग, समय निर्धारण, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई, जलपान और सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। आयोजकों ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
समाजजनों से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान
समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि निषादराज जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समाज की गौरवशाली परंपरा और इतिहास का प्रतीक है। उन्होंने सभी समाजजनों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में भाग लें और इसे यादगार बनाएं।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि निषादराज जयंती 2026 को दमोह में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक रूप दिया जाएगा, जिससे समाज की एकता, शक्ति और सांस्कृतिक विरासत का भव्य प्रदर्शन हो सके।
