नई दिल्ली/दमोह लोकसभा क्षेत्र के सांसद राहुल सिंह लोधी ने आज लोकसभा में कृषि क्षेत्र के अनुदानों की मांग (डिमांड फॉर ग्रांट) पर चर्चा के दौरान दमोह और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला है, जहां आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान संस्थान की अत्यंत आवश्यकता है।
बुंदेलखंड के विकास को मिली गति
सांसद ने अपने वक्तव्य में नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना जैसे ऐतिहासिक निर्णय से बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने इस परियोजना को क्षेत्र के किसानों के लिए जीवनदायिनी बताते हुए केंद्र सरकार की सराहना की।
कृषि कल्याण वर्ष और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर
सांसद लोधी ने मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मनाए जा रहे कृषि कल्याण वर्ष 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें समृद्ध बनाने का संकल्प लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
‘लैब टू लैंड’ पहल को आगे बढ़ाने की अपील
उन्होंने शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रारंभ किए गए विकसित कृषि संकल्प अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने सीधे खेतों तक पहुंचकर किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी। सांसद ने इस अभियान को निरंतर जारी रखने का आग्रह किया।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
अपने संबोधन के अंत में सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश 2047 तक विकसित भारत बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है, जिसमें किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सार:
दमोह के लिए कृषि विश्वविद्यालय की मांग उठाकर सांसद राहुल सिंह लोधी ने न केवल क्षेत्र के किसानों की आवाज संसद तक पहुंचाई, बल्कि बुंदेलखंड के समग्र कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी की।
