दमोह, 23 जून। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दवा दुकानों की निगरानी तथा अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार 23 जून को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के सभी अनुविभागों में ड्रग्स इंस्पेक्टर एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाएं तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुलपगारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अनुविभाग में एसडीएम के निर्देशन में रोस्टरवार दवा दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की होगी। सभी एसडीएम निरीक्षण कार्यों की मॉनीटरिंग कर नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।
सीएम हेल्पलाइन में लगातार दूसरी बार मिला ए ग्रेड

बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले को लगातार दूसरी बार सीएम हेल्पलाइन की मासिक ग्रेडिंग में ‘ए ग्रेड’ प्राप्त हुआ है, जो प्रशासनिक टीम की कार्यकुशलता का परिणाम है। इस उपलब्धि पर उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए बेहतर प्रदर्शन जारी रखने का आह्वान किया।
पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर यादव ने जिले में प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा करते हुए नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी की जाए।
खाद वितरण व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष निगरानी
कृषि सीजन को देखते हुए कलेक्टर ने खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि किसानों को पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से खाद उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा ई-विकास पोर्टल लागू किया गया है। जिले की सभी मंडियों, 102 सेवा सहकारी समितियों, सात एसएडीओ कार्यालयों तथा उप संचालक कृषि कार्यालय में किसानों के लिए निःशुल्क पंजीयन एवं खाद टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 07812-314329 पर कार्यालयीन समय में संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
डीएपी की कमी, एनपीके और टीएसपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
कलेक्टर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की उपलब्धता प्रभावित हुई है। हालांकि किसानों को परेशानी न हो, इसके लिए जिले में एनपीके और टीएसपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। किसानों से इन वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की अपील भी की गई।
नापतौल कांटों का होगा सत्यापन
बैठक में नापतौल विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी मंडियों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जाकर इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य कांटों का सत्यापन कराया जाए। वहीं उप संचालक कृषि को नियमित मंडी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अवैध उत्खनन पर बनेगी विशेष टीम
जिले में लगातार मिल रही अवैध उत्खनन की शिकायतों पर कलेक्टर ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं खनिज विभाग के अधिकारियों को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, 5 दुकानों पर गिरी गाज
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने हटा अनुभाग की पांच शासकीय उचित मूल्य दुकानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हटा राकेश सिंह मरकाम द्वारा गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही पाए जाने पर तीन दुकानों को निरस्त तथा दो दुकानों को निलंबित किया गया है।
जिन दुकानों पर कार्रवाई हुई:
- कोटा (पटेरा) – 1.55 लाख रुपये की अपयोजन राशि अधिरोपित, दुकान निरस्त।
- निमरमुंडा (हटा) – 1.60 लाख रुपये की अपयोजन राशि अधिरोपित, दुकान निरस्त।
- कुंवरपुर (हटा) – 2.87 लाख रुपये की अपयोजन राशि अधिरोपित, दुकान निरस्त।
- नयागांव (हटा) – दुकान निलंबित।
- रमपुरा – 3.52 लाख रुपये की अपयोजन राशि अधिरोपित, दुकान निलंबित।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राशन वितरण प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित दुकानों के हितग्राहियों को निकटवर्ती संचालित उचित मूल्य दुकानों से संबद्ध कर दिया गया है।
खनन माफियाओं पर सख्ती के संकेत
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा। खनिज विभाग में अमले की कमी को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को भी कार्रवाई के लिए सशक्त किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सूचना मिलते ही तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा संबंधित विभाग को अवगत कराया जाए।
