दमोह, 23 जून। दमोह के ऐतिहासिक सीताबावरी श्मशान घाट की भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सीताबावरी श्मशान घाट “शांतिवन” समिति ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज श्मशान घाट की भूमि को कम्प्यूटरीकरण के दौरान रिकॉर्ड से पृथक कर दिया गया, जिसके कारण अब भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कब्जों का खतरा बढ़ गया है।
समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि मरघट क्षेत्र स्थित प्लॉट क्रमांक 1355 की लगभग 4.824 हेक्टेयर भूमि वर्ष 1911-12 से श्मशान घाट मद में दर्ज रही है। वर्ष 2006 में राजस्व एवं नगर पालिका अधिकारियों की उपस्थिति में भूमि का सीमांकन भी कराया गया था तथा इसके आधार पर श्मशान घाट के विकास कार्य संपन्न हुए थे।
ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2015-16 में राजस्व अभिलेखों के कम्प्यूटरीकरण के दौरान उक्त भूमि को श्मशान घाट मद से अलग कर दिया गया, जिससे उसकी मूल पहचान प्रभावित हुई। समिति का आरोप है कि इसी का लाभ उठाकर कुछ लोगों द्वारा भूमि पर अतिक्रमण करने तथा उसे निजी संपत्ति बताकर क्रय-विक्रय के प्रयास किए जा रहे हैं।
समिति ने यह भी बताया कि जनसहयोग से श्मशान घाट परिसर में बाउंड्रीवाल, शवदाह शेड तथा अन्य सुविधाओं का निर्माण कराया गया था। लेकिन वर्तमान में बाउंड्रीवाल को क्षतिग्रस्त किए जाने और श्मशान भूमि पर कब्जे की कोशिशों से नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
समिति के पदाधिकारियों ने मांग की है कि राजस्व अभिलेखों में तत्काल सुधार कर श्मशान घाट की भूमि को पुनः दर्ज किया जाए, सीमांकन कराया जाए तथा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन किया जाएगा।
इस संबंध में समाजसेवी नित्या प्यासी ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है क्योंकि यह केवल भूमि का नहीं बल्कि शहर की ऐतिहासिक और सार्वजनिक आस्था से जुड़े स्थल का विषय है। उन्होंने बताया कि दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
नित्या प्यासी के अनुसार कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन श्मशान घाट की भूमि से जुड़े सभी अभिलेखों और सीमांकन संबंधी दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
कलेक्टर के निर्देशों के बाद अब नागरिकों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
