दमोह, 26 मार्च 2026। जिले में एलपीजी गैस आपूर्ति से संबंधित उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम एलपीजी वितरण से जुड़ी शिकायतों की निगरानी करेगा और प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगा।कंट्रोल रूम में सहायक आपूर्ति अधिकारी राकेश कुमार कन्हौआ को प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ ऑपरेटर के रूप में देवेंद्र सिंह, सौरभ साहू और राम प्रसाद केवट को नियुक्त किया गया है। यह टीम प्रतिदिन प्राप्त शिकायतों की मॉनिटरिंग कर संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित करते हुए समाधान सुनिश्चित करेगी।
अपर कलेक्टर मीना मसराम ने जानकारी देते हुए बताया कि कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी एवं कर्मचारी दमोह हेल्पलाइन तथा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर संतुष्टिपूर्वक एवं त्वरित निराकरण करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर वितरण, बुकिंग, डिलीवरी में देरी या अन्य किसी भी समस्या के मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए और शिकायत लंबित न रखी जाए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन कृत्रिम कमी पैदा करने या दुरुपयोग की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसी क्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा शहर के जबलपुर नाका क्षेत्र में होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सघन जांच अभियान चलाया गया।
जांच के दौरान टीम ने पाया कि कुछ प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर कुल तीन घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने की सख्त चेतावनी भी दी।
खाद्य विभाग ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित हैं, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करना अनिवार्य है। घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करने से न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि आम उपभोक्ताओं की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
जिला प्रशासन ने कहा है कि एलपीजी के दुरुपयोग, अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। आने वाले दिनों में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता या घरेलू सिलेंडर के दुरुपयोग की सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि कंट्रोल रूम की स्थापना और जांच अभियान के माध्यम से एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुचारू बनाया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
