न्यायालय के संज्ञान के बाद प्रशासन हरकत में आया, बकौली चौराहा स्थित वर्षों पुरानी जर्जर इमारत हटाने की प्रक्रिया शुरू
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस, लंबे समय से बनी हुई थी बड़े हादसे की आशंका
दमोह। शहर के व्यस्ततम और हृदय स्थल माने जाने वाले बकौली चौराहा के समीप स्थित जर्जर टंडन बिल्डिंग को लेकर लंबे समय से बनी चिंता के बीच शुक्रवार को आखिरकार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई। न्यायालय के संज्ञान और निर्देशों के बाद नगर पालिका प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और मजदूरों की सहायता से बिल्डिंग को गिराने का कार्य प्रारंभ कर दिया। वर्षों से खस्ताहाल स्थिति में खड़ी यह इमारत आसपास के लोगों और राहगीरों के लिए खतरा बनी हुई थी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि टंडन बिल्डिंग की दीवारों और छत में कई जगह दरारें आ चुकी थीं। बरसात के मौसम में इसके किसी भी समय गिरने की आशंका बनी रहती थी। चूंकि यह भवन शहर के सबसे व्यस्त मार्ग पर स्थित है, इसलिए यहां दिनभर वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की संभावना से लोग भयभीत रहते थे।
केवल सूचना बोर्ड लगाकर सीमित रह गई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार नगर पालिका ने पहले इस भवन को जर्जर घोषित करते हुए वहां चेतावनी संबंधी सूचना बोर्ड लगा दिया था, लेकिन इसके बाद भी भवन को हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही थी। नागरिकों का कहना था कि केवल सूचना बोर्ड लगा देने से खतरा समाप्त नहीं होता, बल्कि जर्जर भवन को हटाना ही स्थायी समाधान है।
न्यायालय पहुंचा मामला, फिर तेज हुई कार्रवाई
जर्जर भवन को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंचा। शिकायत के बाद न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए। न्यायालय के निर्देशों और उच्च न्यायालय से प्राप्त आदेशों के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया और शुक्रवार को ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया।
नगर पालिका के अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों के माध्यम से भवन के कमजोर हिस्सों को तोड़ने का कार्य शुरू किया गया। ध्वस्तीकरण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में मजदूर भी लगाए गए हैं, ताकि भवन को जल्द से जल्द पूरी तरह हटाया जा सके।
सुरक्षा के बीच चल रहा ध्वस्तीकरण
ध्वस्तीकरण के दौरान आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए की जा रही है।
वर्षों पुरानी समस्या का होगा समाधान
स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने नगर पालिका की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह भवन लंबे समय से खतरे का कारण बना हुआ था। कई बार इसकी जर्जर स्थिति को लेकर शिकायतें भी की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही थी। अब ध्वस्तीकरण शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं।
न्यायालय के निर्देशों का पालन करने का दावा
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जा रहा है। ध्वस्तीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना की आशंका समाप्त हो सके।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि शहर में अन्य जर्जर एवं खतरनाक भवनों का भी सर्वे कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
