चार पेट्रोल पंप सील, 33 संचालकों को नोटिस, दो मामलों में कंपनी से कार्रवाई की अनुशंसा; इंडियन ऑयल के रीजनल अधिकारी से भी मांगा जवाब
दमोह, 13 जुलाई 2026/जिले में पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था और वैधानिक नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण एवं विक्रय करने वाले पेट्रोल पंपों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर लगातार किए जा रहे आकस्मिक निरीक्षणों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने चार पेट्रोल पंपों को सील कर दिया है। साथ ही जिले के 33 पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं तथा दो अन्य मामलों में संबंधित कंपनी को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
प्रशासन द्वारा सील किए गए पेट्रोल पंपों में ठाकुर पेट्रोलियम, नरसिंहगढ़, विनायक किसान सेवा केंद्र, बनवार, हजारी पेट्रोल पंप, हटा तथा एम.के. राय किसान सेवा केंद्र, चिलौद शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के पेट्रोल-डीजल का भंडारण और विक्रय करना कानून का गंभीर उल्लंघन है तथा इससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होता है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई पेट्रोल पंप ऐसे पाए गए जिनके विस्फोटक लाइसेंस समाप्त हो चुके थे अथवा उनका नवीनीकरण नहीं कराया गया था, इसके बावजूद वहां पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण और बिक्री जारी थी। ऐसे मामलों में संबंधित संचालकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इंडियन ऑयल कंपनी के जबलपुर स्थित रीजनल अधिकारी को भी नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। बिना वैध लाइसेंस वाले पेट्रोल पंपों को ईंधन की आपूर्ति कैसे की जा रही थी, इसकी भी जांच की जा रही है। कंपनी की ओर से प्रारंभिक जानकारी दी गई है कि प्रदेशभर में ऐसे मामलों की समीक्षा की जा रही है तथा दमोह जिले के सभी 33 पेट्रोल पंपों के विस्फोटक लाइसेंस के लिए तत्काल आवेदन प्रस्तुत कर दिए गए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि जिस अवधि में संबंधित पेट्रोल पंपों के पास वैध विस्फोटक लाइसेंस नहीं था, उस दौरान पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण एवं विक्रय किया जाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए इस पूरे मामले में पेट्रोल पंप संचालकों के साथ-साथ संबंधित तेल कंपनी की भूमिका की भी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वैध लाइसेंस प्राप्त होने के बाद ही संचालन करें तथा शासन द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करें। इसके साथ ही प्रत्येक पेट्रोल पंप पर उपभोक्ताओं के लिए निःशुल्क हवा, स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी अनिवार्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में भी जिलेभर में आकस्मिक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को जनसुरक्षा, विस्फोटक सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन तथा उपभोक्ता सुविधाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
