खरगोन/केरल/ प्रयागराज महाकुंभ में रुद्राक्ष की मालाएं बेचने के बाद चर्चा में आई युवती से जुड़े मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर निवासी मोहम्मद फरमान खान को केरल हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई यानी 20 मई तक रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
⚖️ नाबालिग होने की पुष्टि के बाद दर्ज हुआ केस
दरअसल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग की जांच में संबंधित लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद महेश्वर थाना पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, यह प्रकरण 25 मार्च को ही दर्ज कर लिया गया था और पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी हुई है।
🏛️ हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत
गिरफ्तारी से बचने के लिए फरमान खान ने केरल हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देते हुए 20 मई तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद फरमान को कानूनी रूप से कुछ समय की राहत मिल गई है, हालांकि मामले की जांच जारी है।
📱 सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ी हलचल
इस बीच, रविवार को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें एक व्यक्ति खुद को फरमान बताते हुए यह दावा कर रहा है कि संबंधित नाबालिग लड़की कहीं चली गई है और वह उसे तलाशने के लिए अजमेर पहुंचा है।एक अन्य वीडियो में वह अजमेर से जोधपुर जाने की बात करता नजर आ रहा है। हालांकि, ये वीडियो “अवि पटवारी” नामक अकाउंट से पोस्ट किए गए हैं और उनकी सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
🔎 जांच जारी, कई सवाल बाकी
पूरा मामला अब कानूनी और सामाजिक दोनों दृष्टि से संवेदनशील बन गया है। जहां एक ओर पुलिस नाबालिग लड़की की स्थिति और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है, वहीं कोर्ट की आगामी सुनवाई पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।
