भोपाल/प्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि रखने पर बल देते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा है और इससे आत्म संतोष प्राप्त होता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सिकल सेल एनीमिया और टी.बी. उन्मूलन के लिए जनजागरूकता, जांच और उपचार की प्रक्रिया को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए।
राज्यपाल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं की व्यापक जानकारी दी जाए। उन्होंने शून्य से 40 वर्ष आयु वर्ग के व्यक्तियों की विशेष जांच कराने, शिविरों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने और जिलेवार समीक्षा कर उपचार की प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया के उपचार को कवर किया गया है, इसलिए पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के सहयोग से टी.बी. उन्मूलन पर जोर
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश को टी.बी. मुक्त बनाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में पोषण आहार वितरण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नि:क्षय मित्रों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिलों में अधिक से अधिक नि:क्षय मित्र जोड़कर मरीजों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने पर बल दिया।
खनन क्षेत्रों में सघन जांच के निर्देश
राज्यपाल ने खनन क्षेत्रों में रहने और कार्य करने वाले लोगों की टी.बी. जांच कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में सिकल सेल जांच लक्ष्य, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाइड्रॉक्सी यूरिया दवा की उपलब्धता, गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं का प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जागरूकता अभियान सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम के सभी मानकों को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर जांच और जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों और सघन स्क्रीनिंग अभियान की जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया और टी.बी. उन्मूलन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेज़ी से प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें सेवा भाव और जनसहभागिता को सफलता की कुंजी माना जा रहा है।
