इंदौर, 4 अप्रैल 2026। राष्ट्र और धर्म के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, जनजाति समाज के गौरव और क्रांति सूर्य जननायक टंट्या मामा भील का जन्मोत्सव शनिवार को इंदौर के भंवरकुआं स्थित टंट्या मामा भील चौराहे पर श्रद्धा, उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद् और युवा उपस्थित रहे।प्रातःकाल से ही कार्यक्रम स्थल पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था। आयोजन की शुरुआत टंट्या मामा भील की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों और समाजसेवियों ने टंट्या मामा के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उन्हें जनजाति समाज का प्रेरणास्रोत बताया। वक्ताओं ने कहा कि टंट्या मामा ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।कार्यक्रम स्थल को भगवा ध्वज और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। पूरे वातावरण में देशभक्ति और श्रद्धा का भाव दिखाई दिया। जनजाति विकास मंच के कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही। विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए टंट्या मामा को नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित रहे। साथ ही भाजपा पार्षद कृष्णवल्लभ सीमा डाबी, बाबा साहब अंबेडकर स्मारक समिति के सचिव राजेश वानखेड़े, एम.ए. जनजाति ट्राइबल के प्रोफेसर सखाराम मुजाल्दे, प्रोफेसर बंसल, श्रीमती बंसल, प्रोफेसर ठाकुर सहित विद्यार्थी एवं प्रोफेसर बड़ी संख्या में मौजूद रहे।जनजाति विकास मंच से राधेश्याम जमाले, विक्रम मास्कोला, रूपसिंह, शंकरलाल कटारा, महेंद्र, कारण भूरिया, थानसिंह, सोनल दरबार, आशीष कटारा, दुर्गेश, कृष्णा, अशोक बरिया, राकेश कटारा, कांतिलाल दबी, दिनेश सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। आयोजन जनजाति विकास मंच, भीमा नायक वनांचल सेवा संस्था एवं भील समाज सेवा समिति इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।यह आयोजन केवल जन्मोत्सव नहीं बल्कि जनजाति समाज के गौरव, संघर्ष और देशभक्ति की विरासत को याद करने का अवसर बना, जहां युवाओं को टंट्या मामा भील के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया गया।
