वीजा आवेदन जिन अधिकारियों के अस्वीकार किए गए हैं, उनमें अमेरिकी विदेश विभाग के ब्यूरो ऑफ डेमोक्रेसी, ह्यूमन राइट्स एंड लेबर के सहायक सचिव रिले एम. बार्न्स और उपसहायक सचिव सैमुअल सैमसन शामिल हैं। दोनों अधिकारियों ने 20 जुलाई को ब्राजील यात्रा के लिए आवेदन किया था। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों, चुनावी अधिकारियों और दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले थे।
जानकारी के अनुसार, दोनों अधिकारियों की यात्रा में पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के बेटे और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो से मुलाकात भी शामिल थी। इसके अलावा उनकी ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट के अधिकारियों तथा कुछ अन्य राजनीतिक समूहों से भी चर्चा की योजना थी। ब्राजील सरकार को आशंका थी कि इस तरह की मुलाकातों का असर चुनावी माहौल पर पड़ सकता है, इसलिए वीजा आवेदन स्वीकार नहीं किए गए।
ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि दोनों अधिकारियों के आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त हुए थे और समीक्षा के बाद उन्हें अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा, इस पर भी नजर बनी हुई है।
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का पहला चरण 4 अक्टूबर को निर्धारित है। यदि किसी उम्मीदवार को आवश्यक बहुमत नहीं मिलता है तो दूसरे चरण का मतदान 25 अक्टूबर को कराया जाएगा। इस चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच मुकाबले को देश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार विदेशी गतिविधियों और राजनीतिक संपर्कों पर विशेष सतर्कता बरत रही है।
हाल के महीनों में ब्राजील और अमेरिका के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव भी देखने को मिला है। पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो और उनके बेटे एडुआर्डो बोल्सोनारो ने मई के अंत में वॉशिंगटन का दौरा किया था, जहां उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों और तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इसके कुछ समय बाद अमेरिका ने ब्राजील के दो बड़े मादक पदार्थ तस्करी संगठनों को आतंकवादी संगठन घोषित किया और ब्राजील से आयात होने वाले हजारों उत्पादों पर 37.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया।
अमेरिका ने इन कदमों को व्यापारिक अनियमितताओं और जबरन श्रम से जुड़े आरोपों के संदर्भ में उचित बताया था। हालांकि ब्राजील सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे फैसलों का उद्देश्य देश के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना हो सकता है। सरकार का मानना है कि चुनाव के समय किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
ब्राजील में इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली भी लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो कई अवसरों पर इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा चुके हैं, हालांकि उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। दूसरी ओर चुनावी अधिकारियों ने लगातार स्पष्ट किया है कि देश की इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय है। ऐसे माहौल में अमेरिकी अधिकारियों के वीजा आवेदन अस्वीकार करने का फैसला चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
