जानकारी के अनुसार लापता युवक की पहचान इंदौर के निपानिया निवासी अर्पित हाड़ा के रूप में हुई है। वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ महेश्वर तथा आसपास के पर्यटन स्थलों की सैर के लिए आया था। महेश्वर दर्शन के बाद सभी लोग जलकोटी स्थित सहस्त्रधारा घाट पहुंचे। शाम करीब चार से पांच बजे के बीच नर्मदा में स्नान करते समय अर्पित का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव के साथ गहरे पानी में चला गया। देखते ही देखते वह कुछ ही पलों में लापता हो गया।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद पत्नी और भाई ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी। आसपास मौजूद नाविक ग्रामीण और पर्यटक भी तुरंत पहुंचे लेकिन नदी का तेज बहाव पथरीला तल और गहराई इतनी अधिक थी कि कोई भी पानी में उतरकर बचाव नहीं कर सका। कुछ ही सेकेंड में युवक आंखों से ओझल हो गया।
सूचना मिलते ही महेश्वर पुलिस होमगार्ड की रेस्क्यू टीम स्थानीय गोताखोर और बाद में एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रविवार शाम से देर रात तक नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह छह बजे से एक बार फिर नावों और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
लापता युवक के पिता अमर सिंह हाड़ा ने बताया कि अर्पित अपने परिवार और दोस्तों के साथ रविवार दोपहर इंदौर से निकला था। घर से निकलते समय उसने जल्द लौटने की बात कही थी। अर्पित जैविक पोषण ऑल इंडिया नाम से अपना कारोबार चलाता था। उसकी शादी को करीब पांच वर्ष हो चुके हैं और उसका तीन साल का एक बेटा भी है। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने बताया कि सहस्त्रधारा घाट का इलाका तेज बहाव गहरे पानी और पथरीले तल के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है। पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अनजान या गहरे पानी वाले स्थानों पर स्नान करने से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों में नर्मदा घाट क्षेत्र में डूबने या तेज बहाव में बहने की यह चौथी घटना है। लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में स्थायी गोताखोरों और अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की बात कही है।
