मध्य प्रदेश में सर्वाधिक दूध देने वाली गाय का रिकॉर्ड इस बार उज्जैन जिले के नाम रहा। तालोद गांव के पशुपालक गौरव रघुवंशी की गिर नस्ल की गाय ‘राधा’ ने प्रदेशभर में आयोजित दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता में सबसे अधिक दूध देकर पहला स्थान प्राप्त किया है। पशुपालन और डेयरी विभाग की गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के तहत 27 से 31 अक्टूबर तक प्रदेश के वृंदावन ग्रामों में यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
बेहतर देखभाल और संतुलित आहार से मिली सफलता
गौरव रघुवंशी उज्जैन जिले के वृंदावन ग्राम तालोद के निवासी हैं। उनका कहना है कि राधा उनके लिए केवल गाय नहीं, बल्कि परिवार की सदस्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तालोद को वृंदावन ग्राम घोषित किए जाने के बाद गांव में देशी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को लेकर प्रोत्साहन मिला है।
गौरव ने पारंपरिक गोपालन को आगे बढ़ाते हुए गिर नस्ल की गाय का पालन शुरू किया। उन्होंने राधा के खानपान, नियमित देखभाल और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया। संतुलित आहार और बेहतर देखभाल का परिणाम रहा कि राधा ने प्रतियोगिता के दौरान प्रतिदिन औसतन 19 लीटर 760 ग्राम दूध दिया और प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।
208 वृंदावन ग्रामों में हुई प्रतियोगिता
पशुपालन और डेयरी विभाग ने प्रदेश के चयनित 208 वृंदावन ग्रामों में दुग्ध उत्पादन प्रतियोगिता आयोजित कराई थी। इसका उद्देश्य पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के साथ देशी और उन्नत नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देना है।
गोवर्धन पर्व के अवसर पर 9 नवंबर को भोपाल में राज्य स्तरीय पशुपालक सम्मान समारोह आयोजित होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सांकेतिक रूप से 10 पशुपालकों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर गौ-पूजन और पशुपालक सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
पहले तीन स्थानों पर मिलने वाली पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले पशुपालकों को क्रमशः एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। विजेताओं को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार की राशि सभी विजेताओं के बैंक खातों में एक साथ प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।
मध्य प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है। राज्य सरकार के मुताबिक, पशुपालन और गोवंश संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
