मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंत्रियों से की चर्चा, क्रिकेट टीम को दी बधाई और किसानों के लिए बोनस की घोषणा
भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए प्रदेश के विकास, पर्यावरण संरक्षण, किसानों के हित और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। सागर और दमोह जिलों के विस्तृत वन क्षेत्र में फैला रानी दुर्गावती अभयारण्य, नौरादेही जल्द ही चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में पहले से मौजूद चीतों के परिवार में हाल ही में पाँच नए शावकों के जन्म से संख्या बढ़ी है और यह संकेत है कि प्रदेश का वातावरण उनके लिए अनुकूल है। राज्य सरकार आने वाले लगभग दो महीनों में नौरादेही क्षेत्र में भी चीतों को बसाने की तैयारी कर रही है। इससे मध्यप्रदेश में चीतों के तीन सुरक्षित आवास विकसित हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश के जलाशयों और नदियों में मगर, घड़ियाल और कछुओं को भी छोड़ा जाएगा, जिससे प्राकृतिक संतुलन और जैव विविधता को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में भारतीय टीम की विजय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे विश्व में देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और टीम भावना के कारण भारतीय खिलाड़ियों ने यह उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार और मंत्रिपरिषद की ओर से पूरी टीम को बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में मध्यप्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के दो विद्यार्थियों ने शीर्ष दस में स्थान प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है, जबकि अनेक युवाओं का प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा और राजस्व सेवा जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयन हुआ है। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान को देश स्तर पर सराहना मिली है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहभागिता से चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत लाखों जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे जल संचयन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन के कार्यों को बढ़ावा देने का आग्रह किया और कहा कि यह अभियान आने वाले वर्षों में प्रदेश की जल सुरक्षा का आधार बनेगा।मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब दस्तावेजों का डिजिटल पंजीयन पूरी तरह प्रारंभ हो चुका है। प्रदेश में प्रतिवर्ष लाखों दस्तावेजों का पंजीयन होता है और नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया पूरी तरह कागजरहित और पारदर्शी बन जाएगी। इस प्रणाली के माध्यम से अब नागरिक कहीं से भी अपने दस्तावेजों का पंजीयन और मुद्रांक संबंधी कार्य कर सकेंगे।
किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन करने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। साथ ही दलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए उड़द की खरीदी पर भी प्रति क्विंटल 600 रुपये का बोनस देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री ने पर्यटन विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पचमढ़ी को देश का आदर्श पर्यावरणीय पर्यटन मॉडल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने खाड़ी देशों में उत्पन्न वर्तमान परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां रह रहे मध्यप्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए भोपाल और नई दिल्ली में चौबीसों घंटे कार्यरत सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और सकुशल वापसी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और अब तक हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी कराई जा चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, कृषि प्रोत्साहन, प्रशासनिक सुधार और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाकर मध्यप्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाना है। उन्होंने मंत्रियों से अपेक्षा की कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करें और जनता को उसका लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएं।
