बाजार में उपलब्ध अलग-अलग दरों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,860 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,079.50 डॉलर प्रति औंस रहा। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत सभी करों सहित घटकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। दूसरी ओर, खुदरा बाजार के उपलब्ध आंकड़ों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,610 रुपये, 22 कैरेट का 1,31,650 रुपये और 18 कैरेट का 1,07,640 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली और लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,43,610 रुपये, 22 कैरेट 1,31,650 रुपये और 18 कैरेट 1,07,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,460 रुपये, 22 कैरेट की 1,31,500 रुपये और 18 कैरेट की 1,07,590 रुपये है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,43,350 रुपये, 22 कैरेट 1,31,400 रुपये और 18 कैरेट 1,07,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
पटना, भोपाल, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,510 रुपये, 22 कैरेट का 1,31,550 रुपये और 18 कैरेट का 1,07,640 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। जयपुर, चंडीगढ़, गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर में भी कीमतें दिल्ली के समान हैं। पुणे, नागपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद, रायपुर, भुवनेश्वर और गुवाहाटी में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,460 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
धनतेरस के दिन भी सोने की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को 24 कैरेट सोना 2,500 रुपये टूटकर 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। गुरुवार को इसकी कीमत 1,48,800 रुपये थी। हालांकि, पिछले साल 18 अक्टूबर को धनतेरस के अवसर पर सोने का भाव 1,32,400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था। इस तुलना में इस साल धनतेरस पर सोना काफी महंगा रहा।
वायदा बाजार में भी शुक्रवार को सोने पर दबाव देखने को मिला। कमजोर हाजिर मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों का आकार घटाया। इसके चलते MCX पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने के अनुबंध की कीमत 2,178 रुपये यानी 1.51 प्रतिशत गिरकर 1,41,917 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूयॉर्क में सोने का भाव 0.94 प्रतिशत घटकर 4,049.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहार के दौरान शुभ खरीदारी की परंपरा के बावजूद सोने की ऊंची कीमतें ग्राहकों को सतर्क बना रही हैं। आभूषण विक्रेताओं के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। कीमतों में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव की अनिश्चितता के कारण कई ग्राहक भारी आभूषण खरीदने के बजाय हल्के गहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सितंबर तिमाही के दौरान सोने के आभूषणों की मांग मात्रा के लिहाज से सालाना आधार पर 20 प्रतिशत घट गई, जबकि मूल्य के लिहाज से इसमें 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। यूटीआई एएमसी के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्रवण गोयल के मुताबिक, सोना मूल्य संरक्षण और निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लाने का माध्यम है। वहीं, चांदी को सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से समर्थन मिलता है, हालांकि इसमें कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम अधिक रहता है। कुल मिलाकर, छोटी दिवाली पर सोने की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद इसका भाव पिछले वर्ष की तुलना में ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
