यह मामला शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के रन्नौद थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, झंडी गांव निवासी 28 वर्षीय अरविंद पुत्र मुरारी लोधी ने अपनी भैंस को लगभग तीन महीने पहले अपनी ससुराल माढ़ा गणेशखेड़ा में छोड़ रखा था। भैंस वहां उनके ससुर राजाराम लोधी के यहां देखरेख और चराने के लिए रखी गई थी। पांच नवंबर को भैंस अपनी पड़िया के साथ माढ़ा गणेशखेड़ा के पठार पर बंधी हुई थी।
इसी दौरान बाइक पर सवार होकर दो लोग वहां पहुंचे। दोनों ने भैंस और उसकी पड़िया को अपने कब्जे में लिया और उन्हें हांकते हुए वहां से ले गए। चोरों का इरादा पशुओं को चोरी कर दूसरे स्थान पर ले जाने का था। वे भैंस और पड़िया को लेकर झंडी गांव की दिशा में बढ़ने लगे। इस दौरान भैंस काफी दूर तक उनके साथ चलती रही। चोरों को लगा कि वे बिना किसी परेशानी के अपने इरादे में सफल हो जाएंगे।
हालांकि, जैसे ही भैंस झंडी गांव के नजदीक पहुंची, उसने अचानक अपनी दिशा बदलते हुए तेज दौड़ लगा दी। वह सीधे अरविंद लोधी के घर पहुंची और अपने पुराने खूंटे के पास जाकर खड़ी हो गई। उसके पीछे उसकी पड़िया भी दौड़ते हुए वहां पहुंच गई। भैंस को अचानक अपने घर की ओर भागते देखकर चोर भी उसके पीछे-पीछे पहुंच गए।
मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया, जब पीछे से पहुंचे चोर ने भैंस पर अपना दावा जताना शुरू कर दिया। उसने अरविंद से कहा कि भैंस उसकी है और गलती से यहां आ गई है। हालांकि, भैंस का अपने पुराने घर और खूंटे पर पहुंचना मालिक को असामान्य लगा। अरविंद को उसकी बातों पर संदेह हुआ और उन्होंने स्थिति की पुष्टि करने के लिए अपनी ससुराल में फोन लगाया।
फोन पर ससुराल पक्ष के लोगों ने बताया कि भैंस और पड़िया दोपहर से ही गायब हैं और उनकी तलाश की जा रही है। इस जानकारी के बाद अरविंद का संदेह पुख्ता हो गया। उन्होंने आसपास के ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। गांव के लोगों ने मौके पर मौजूद व्यक्ति को रोक लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी।
ग्रामीणों को पूछताछ करते देखकर दूसरा आरोपी मौके से भाग निकला। वह अपनी बाइक भी वहीं छोड़कर फरार हो गया। वहीं, ग्रामीणों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने भैंस और पड़िया की चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद भैंस के मालिक ने पकड़े गए आरोपी को इंदार पुलिस के हवाले कर दिया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
घटना के बाद इलाके में भैंस की चर्चा हो रही है। करीब 15 किलोमीटर तक चुपचाप चलने के बाद अपने पुराने घर पहुंचना और सीधे खूंटे के पास खड़े हो जाना इस पूरे मामले का सबसे खास पहलू रहा। जिस पशु को चोर आसानी से ले जाने की उम्मीद कर रहे थे, उसी के व्यवहार ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया। फिलहाल मामले में पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है और दूसरे आरोपी के फरार होने की जानकारी सामने आई है।
