राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल की रिपोर्ट के बाद संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी
बी.आर. रीडिंग और आर.एम. वैल्यू मानक से बाहर, खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज

दमोह, 29 अप्रैल 2026। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशों के तहत जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान दमोह शहर से लिया गया गौक्रिश ब्रांड घी का नमूना राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल की जांच में अवमानक पाया गया है। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगामी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के डीओ ने बताया कि दमोह शहर के बकौली चौक स्थित सेठ प्यारेलाल एंड संस प्रतिष्ठान से खाद्य सुरक्षा जांच दल द्वारा गौक्रिश ब्रांड घी का नमूना लिया गया था। उक्त नमूने को परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया, जहां वैज्ञानिक परीक्षण में यह नमूना निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा और इसे अवमानक श्रेणी में रखा गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित घी में बी.आर. रीडिंग (Butyro Refractometer Reading) का मान निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया। घी के लिए यह मान सामान्यतः 40 से 44 के बीच होना चाहिए, जबकि परीक्षण में यह 48.2 दर्ज किया गया। इसी प्रकार घी की शुद्धता का एक महत्वपूर्ण मानक आर.एम. वैल्यू (Reichert Meissl Value) भी कम पाई गई। जहां इसका मान 24 से कम नहीं होना चाहिए, वहीं जांच में यह मात्र 18.4 पाई गई। इन दोनों मानकों के विचलन से यह स्पष्ट हुआ कि घी में अन्य खाद्य तेल अथवा वनस्पति डालडा जैसी सामग्री की मिलावट की गई है, जिससे नमूना अवमानक घोषित किया गया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बताया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित विक्रेता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 46(4) के तहत अपील का अवसर प्रदान करते हुए सूचना पत्र जारी किया गया है। नियमानुसार संबंधित दुकानदार चाहे तो निर्धारित शुल्क जमा कर उक्त नमूने की दोबारा जांच केंद्रीय खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से करवा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार अधिनियम में निर्धारित 30 दिवस की अपील अवधि के भीतर यदि संबंधित खाद्य विक्रेता पुनः परीक्षण के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं करता है, तो अवमानक पाए गए घी के नमूने का प्रकरण विधिसम्मत कार्रवाई हेतु एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां आगे दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में मिलावटी एवं निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। विशेषकर घी, दूध, मावा, तेल, मसाले, मिठाई और पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं के नमूनों की जांच कर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में खाद्य सामग्री की शुद्धता को लेकर प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटखोर व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की शिकायत तत्काल प्रशासन को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
