दमोह में 9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आज 5 मई मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने न्यायालय परिसर से प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नेशनल लोक अदालत ऐसा सशक्त मंच है जहां लंबित और प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों का आपसी सहमति से त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में निराकरण संभव होता है।
दमोह, 5 मई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार आगामी 9 मई 2026 को जिला न्यायालय दमोह सहित तहसील न्यायालय हटा, पथरिया और तेंदूखेड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में लोक अदालत के अधिकाधिक प्रचार-प्रसार और आमजन को इससे जोड़ने के उद्देश्य से आज 5 मई मंगलवार को न्यायालय परिसर दमोह से जागरूकता प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी ने प्रचार रथ को रवाना करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत न्याय व्यवस्था का ऐसा प्रभावी माध्यम है, जहां पक्षकार आपसी सहमति के आधार पर अपने विवादों का शीघ्र समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सामान्य न्यायालयीन प्रक्रिया की तुलना में लोक अदालत में समय कम लगता है, व्यय भी कम होता है और निर्णय आपसी सहमति से होने के कारण दोनों पक्ष संतुष्ट रहते हैं।
उन्होंने बताया कि 9 मई को आयोजित होने वाली वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों के साथ-साथ प्रि-लिटिगेशन स्तर के मामलों का भी निराकरण किया जाएगा। इसमें विद्युत चोरी से संबंधित प्रकरण, नगरपालिका के जलकर, संपत्ति कर, बैंक वसूली, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, श्रम, सिविल एवं अन्य समझौता योग्य मामले शामिल रहेंगे। संबंधित विभागों द्वारा प्रकरणों के निराकरण में नियमानुसार विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी।
सुभाष सोलंकी ने कहा कि लोक अदालत के लाभ, प्रक्रिया तथा विभागों द्वारा दी जाने वाली रियायतों की जानकारी घर-घर पहुंचाने के लिए विद्युत विभाग और नगरपालिका दमोह के समन्वय से प्रचार रथ तैयार किया गया है। यह प्रचार रथ जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को जागरूक करेगा, जिससे अधिक से अधिक पक्षकार 9 मई को अपने प्रकरण लोक अदालत में प्रस्तुत कर लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि नेशनल लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए संपूर्ण जिले में 20 खंडपीठों का गठन किया गया है। इन खंडपीठों में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे, जो पक्षकारों को समझाइश देकर आपसी सहमति से प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश एवं प्रभारी अधिकारी नेशनल लोक अदालत उदय सिंह मरावी, जिला मुख्यालय पर पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार खत्री, जिला अभियंता एमएल साहू, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल मनीष नगाइच, समस्त डिफेंस काउंसिल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि तथा न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष कमलेश भारद्वाज ने कहा कि नेशनल लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का सबसे बेहतर मंच है। यहां न कोई हारता है और न कोई जीतता है, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से ऐसा समाधान निकलता है जो लंबे समय तक टिकाऊ रहता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता संघ का सहयोग लोक अदालत के सफल आयोजन में पूर्ववत मिलता रहेगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि जिनके न्यायालयों में समझौता योग्य मामले लंबित हैं अथवा विभागीय प्रकरण आपसी सहमति से निपटाए जा सकते हैं, वे 9 मई को आयोजित नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।
