रियाद। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की अबकैक (Abqaiq) तेल रिफाइनरी और ईस्ट-वेस्ट पंपिंग स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। हमले के बाद संयंत्र के कई हिस्सों से आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। उपग्रह तस्वीरों में भी रिफाइनरी परिसर में व्यापक नुकसान के संकेत मिले हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल प्रसंस्करण सुविधाओं में शामिल अबकैक संयंत्र को नुकसान पहुंचा है। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले के पीछे इराक में सक्रिय एक सशस्त्र संगठन का हाथ होने का दावा किया है, जिस पर ईरान समर्थित होने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दुनिया की सबसे अहम तेल प्रसंस्करण इकाइयों में शामिल
अबकैक रिफाइनरी को दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल स्टेबलाइजेशन प्लांट माना जाता है। यहां बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस संयंत्र में किसी भी प्रकार की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ सकता है।
आग पर काबू पाने के प्रयास तेज
हमले के बाद सऊदी अरामको और संबंधित एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई शुरू कर दी। आग को नियंत्रित करने और अतिरिक्त नुकसान रोकने के लिए कई उत्पादन केंद्रों पर इमरजेंसी फ्लेयरिंग की गई। सुरक्षा एजेंसियां हमले के कारणों और क्षति का आकलन कर रही हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नुकसान
उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में रिफाइनरी के कई हिस्सों में आग और धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, संयंत्र के कुछ परिचालन हिस्से प्रभावित हुए हैं, हालांकि उत्पादन क्षमता पर वास्तविक असर का आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।
वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है प्रभाव
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अबकैक रिफाइनरी का संचालन लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इससे वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता की संभावना भी बढ़ सकती है।
सऊदी सरकार ने कहा है कि वह हमले की जांच कर रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे।
