भोपाल और इंदौर समेत प्रदेश के कई शहरों में रातें ठंडी होने लगी हैं, जबकि सुबह के समय धुंध भी छा रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी इंदौर की रात ज्यादा ठंडी रही। मौसम विभाग के मुताबिक, दिवाली पर प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। ऐसे में त्योहार के दिन मौसम साफ रहने की संभावना है।
पचमढ़ी से ठंडा रहा इंदौर, 12.5 डिग्री तापमान
प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, इंदौर में रात का पारा 12.5 डिग्री पर पहुंच गया, जबकि पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
शहडोल के कल्याणपुर में 12.4 डिग्री, रायसेन में 12.6 डिग्री और भोपाल-अमरकंटक में 13.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। प्रदेश के 14 शहरों में पारा 14 डिग्री से नीचे रहा।
पूर्वी MP में 1 से 2 डिग्री तक गिर सकता है पारा
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के जिलों में रात के तापमान में और गिरावट हो सकती है। अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक लुढ़कने का अनुमान है। वहीं, दिन के तापमान की बात करें तो बालाघाट के मलाजखंड में अधिकतम तापमान सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिवाली पर साफ रहेगा मौसम, बारिश का अलर्ट नहीं
मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। दिवाली के दिन मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे लोगों को त्योहार के दौरान मौसम संबंधी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नवंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर और तेज हो सकता है। ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तरी हवाओं का सीधा प्रभाव पड़ता है, इसलिए यहां रात के तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को मिल सकती है।
तापमान के पुराने रिकॉर्ड भी इस महीने कड़ाके की ठंड का संकेत देते हैं। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले नवंबर का न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री दर्ज किया गया था।
भोपाल, इंदौर और जबलपुर में नवंबर के दौरान बारिश होने का भी ट्रेंड रहा है। इस बार महीने की शुरुआत में ही बारिश का अलर्ट जारी हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में नए मौसम सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।
